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चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने माँ कालिका मंदिर में की पूजा-अर्चना

चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने माँ कालिका मंदिर में की पूजा-अर्चना

चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित माँ कालिका मंदिर, पलटन बाजार में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए माँ भगवती से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह पर्व हमें सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल तथा समाज में एकता और समरसता का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुखद, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना करते हुए माँ कालिका से आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माँ भगवती की कृपा से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

इस अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। मुख्यमंत्री ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनरोद्धार और विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण भारत की आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इसी प्रकार उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास हेतु बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं, जबकि केदारनाथ धाम में आपदा के बाद हुए पुनर्निर्माण कार्यों ने पूरे विश्व में एक मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार का डेमोग्राफिक परिवर्तन (जनसंख्या असंतुलन) नहीं होने दिया जाएगा तथा राज्य की मूल संस्कृति और पहचान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती की कृपा से भारत तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी नागरिकों का योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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