पहाड़ संवाद Hindi News Portal of Uttarakhand

उत्तराखंड चमोली देश राजनीति शिक्षा स्लाइडर स्वाथ्य

अटल उत्कृष्ट विद्यालय मील का पत्थर सिद्ध होंगे। अरविन्द पाण्डे

प्रदेश में समाज के सर्वसाधारण को मुख्यधारा में लाने, नई पीढ़ी को वर्तमान समय अनुसार आधुनिक शिक्षा एवं आधुनिक तकनीकों से परिचय कराने, रोजगार और पलायन रोकने की दिशा में प्रदेश सरकार की बहुमुखी अटल उत्कृष्ट योजना के अंतर्गत खोले गए अटल उत्कृष्ट विद्यालयों (प्रत्येक ब्लॉक में दो) के सफल संचालन हेतु शिक्षकों / प्रधानाचार्यों की तैनाती सम्बन्धी महत्वपूर्ण दिशा निर्देश शासन द्वारा जारी कर दिए गए हैं।
अटल उत्कृष्ट विद्यालय मील का पत्थर सिद्ध होंगे।
● शिक्षकों / प्रधानाचार्यों की तैनाती विभागीय शिक्षकों/प्रधानाध्यापकों में से ही स्क्रीनिंग परीक्षा द्वारा की जाएगी। स्क्रीनिंग परीक्षा, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाएगी। स्क्रीनिंग में सफल अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के माध्यम से तैनाती दी जाएगी। इन विद्यालयों में तैनाती हेतु आयु 55 वर्ष से कम होनी चाहिए।
● अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में तैनात प्रधानाचार्य एवं शिक्षक लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम की धारा 3(1) से मुक्त होंगे।
● राजकीय इंटर कॉलेजों में कार्यरत प्रधानाचार्य जिनकी आयु 55 वर्ष से कम है अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में आवेदन करने के पात्र होंगे। पर्याप्त संख्या में पद रिक्त होने पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय / राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों से भी आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
● इन विद्यालयों में शिक्षकों / प्रधानाचार्यों की तैनाती 5 वर्ष हेतु की जाएगी। अच्छा परिणाम देने वाले अध्यापकों की तैनाती की अवधि बढ़ायी जा सकती है।
● सुगम अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों / शिक्षकों की 1 वर्ष की सेवा 1 वर्ष की दुर्गम की सेवा के बराबर तथा दुर्गम अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों / शिक्षकों की 1 वर्ष की सेवा 2 वर्ष की दुर्गम की सेवा के बराबर मानी जाएगी।
● अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में पूर्व से कार्यरत अध्यापकों के कार्य का परीक्षण 1 वर्ष पश्चात किया जाएगा तथा उनके प्रदर्शन के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए विकासखंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
● अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का अनुरोध के आधार पर पारस्परिक स्थानांतरण हो सकेगा।
● 5 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर कार्मिक की पद स्थापना अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी।
● 5 वर्ष की अवधि से पूर्व भी आवश्यक पाए जाने पर कार्मिक कि इन विद्यालयों में तैनाती समाप्त की जा सकती है।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यदि आप अपना कोई लेख या कविता हमारे साथ साझा करना चाहते हैं तो आप हमें हमारे (pahadsamvad@gmail.com) Email के माध्यम से भेजकर साझा कर सकते हैं!