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अंकिता भंडारी हत्या मामले में आरोपियों का होगा नार्को टेस्ट, VIP का नाम आ सकता है सामने, जानें क्या होता है नार्को टेस्ट

आरोपियों का होगा नार्को टेस्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंकिता भंडारी हत्या मामले में सभी तीन आरोपियों का नार्को टेस्ट कराए जाने की खबर है। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट ने आवेदन जमा कर दिया है। कोर्ट द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद जल्द से जल्द नार्को टेस्ट कराया जाएगा। नार्को टेस्ट के बाद पुलिस कोर्ट में चार्जशीट फाइल करेगी। सबूतों को पुख्ता करने और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिए नार्को टेस्ट कराया जाएगा।

जानें क्या होता है नार्को टेस्ट

इस टेस्ट को अपराधी या आरोपी व्यक्ति से सच उगलवाने के लिए किया जाता है । इस टेस्ट को फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की मौजूदगी में किया जाता है ।

नार्को एनालिसिस टेस्ट में सोडियम पेंटोथल का इंजेक्शन शामिल होता है, जिसे ट्रुथ सीरम भी कहा जाता है। इस दवा का प्रयोग किसी व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता को कम करता है, जिससे उन्हें बिना किसी प्रतिबंध के बोलने की अनुमति मिलती है‌। यह तब होता है जब व्यक्ति कम आत्म-जागरूक हो जाता है और एक कृत्रिम निद्रावस्था में प्रवेश करता है। यह चरण परीक्षकों को विषय पर प्रश्न करने और वास्तविक उत्तर प्राप्त करने की अनुमति देता है। यह टेस्ट किसी मनोवैज्ञानिक जांच अधिकारी या फोरेंसिक विशेषज्ञ की निगरानी में ही किया जाता है। इसे जांच विभागों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अन्य सामान्य रूप से ज्ञात थर्ड-डिग्री उपचारों का एक विकल्प कहा जाता है।

नार्को टेस्ट करने से पहले व्यक्ति का परीक्षण

किसी भी अपराधी/आरोपी का नार्को टेस्ट करने से पहले उसका शारीरिक परीक्षण किया जाता है जिसमें यह चेक किया जाता है कि क्या व्यक्ति की हालात इस टेस्ट के लायक है या नहीं. यदि व्यक्ति; बीमार, अधिक उम्र या शारीरिक और दिमागी रूप से कमजोर होता है तो इस टेस्ट का परीक्षण नहीं किया जाता है।

व्यक्ति की सेहत, उम्र और जेंडर के आधार पर उसको नार्को टेस्ट की दवाइयां दी जाती है । कई बार दवाई के अधिक डोज के कारण यह टेस्ट फ़ैल भी हो जाता है इसलिए इस टेस्ट को करने से पहले कई जरुरी सावधानियां बरतनी पड़तीं हैं।

कई केस में इस टेस्ट के दौरान दवाई के अधिक डोज के कारण व्यक्ति कोमा में जा सकता है या फिर उसकी मौत भी हो सकती है इस वजह से इस टेस्ट को काफी सोच विचार करने के बाद किया जाता है ।

18 सितंबर को हुई थी हत्या

दरअसल 18 सितंबर की रात उत्तराखंड के पौड़ी जिले के वनंतरा रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी (19) का का मर्डर हुआ था। अंकिता को 18 सितंबर की रात को नहर से धक्का दिया गया था। अंकिता का शव 25 सितंबर, 2022 को ऋषिकेश के पास चीला नहर में मिला था। पुलिस ने उसके माता-पिता के लापता होने की सूचना के छह दिन बाद शव बरामद किया गया था। इस मामले में रिज़ॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य को अंकित के मर्डर का मुख्य आरोपी माना गया। उन्होंने अपना जुर्म भी कबूल किया और कहा कि झगड़े के बीच उन्होंने अंकिता भंडारी को नहर में धक्का दे दिया। पुलकित और और उसके दो सहयोगी अभी गिरफ्तार है और इस मामले की जांच जारी है।

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